Monday, August 24, 2009

मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग छात्रों के लिए छात्रवृत्ति


क्या है योजना :
प्राप्त संस्थानों से तकनीकी या प्रोफेशनल कोर्स करने वाले चुनिंदा विकलांग छात्रों को 2009-10 के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला नेशनल हैंडीकैप्ड फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन तकनीकी व प्रोफेशनल शिक्षा हासिल कर रहे विकलांग छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृति योजना के तहत आवेदन आमंत्रित करता है। आवेदन पत्र का निर्धारित प्रारूप निगम की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
छात्रवृत्ति योजना के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-< इसके तहत वर्ष 2009-10 के लिए तकनीकी व प्रोफेशनल शिक्षा हासिल करने वाले 5००योग्य विकलांग छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।< स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययनरत नेत्रहीन/बधिर या सेरेब्रल पाल्सी से ग्रसित छात्रों को ऐसे कंप्यूटर खरीदने के लिए वित्तीय मदद देना, जिसमें उनके काम करने के लिहाज से समुचित सॉफ्टवेयर हों और उन्हें अपने काम करने में आसानी हो।< स्नातक या स्नातकोत्तर तकनीकी अथवा प्रोफेशनल कोर्स में अध्ययनरत छात्रावास में रहने वाले छात्रों के लिए प्रतिमाह 1000 रुपए और आवासीय छात्रों के लिए 700 रुपए प्रतिमाह और डिप्लोमा/सर्टिफिकेट स्तर के कोर्स करने वाले छात्रावासीय छात्रों को 700 रुपए प्रतिमाह छात्रवत्ति। इसके अलावा प्रतिवर्ष 10,000 रुपए तक कोर्स फीस की प्रतिपूर्ति।पता -पात्रता रखने वाले छात्र छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर निम्नलिखित पते पर आवेदन कर सकते हैं।नेशनल हैंडीकैप्ड फाइनेंस एंड डवलपमेंट कारपोरेशन (एनएचएफडीसी), रेड क्रॉस भवन, सेक्टर-12, फरीदाबाद-121007 आवेदन की अंतिम तिथि - 31 अगस्त 2009- इसे हमने दैनिक भासकर से साभार लिया है

4 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

जानकारी के लिए आभार।

kshitij said...

Really...your blog is dedicated for a noble cause....I appreciate your emotions.....your contribution....

RAJESH KUMAR KSHITIJ
merabasera.blogspot.com

amlendu asthana said...

राजेश जी हमारा उत्साह बढ़ाने के लिए शुक्रिया। आप सभी ब्लॉगरों से हमें इसी हौसले की जरूरत है। सीपी बच्चों को अंधेरी दुनिया के दलदल से निकालने में आप सब की मदद तो चाहिए ही।

शरद कोकास said...

यह बहुत महत्वपूर्ण जानकारी है ।