Sunday, August 9, 2009

हर गर्भवती को करना चाहिए प्री नेटल स्क्रीनिंग

यह ब्लॉग अक्षम बच्चों के संघर्ष को समर्पित है।
हमें इस बात को लेकर अचरज है कि भारत में काफी लोगों को अभी इस टेस्ट के बारे में जानकारी नहीं है। सन 2002 में जब कुशाग्र का जन्म हुआ तब भी हमें इस टेस्ट के बारे में पता नहीं था और ना ही लेडी डॉक्टर जगदीश्वरी मिश्रा ने हमें इस टेस्ट के बारे में बताया। फिलहाल चंडीगढ़ में मेरे साथ काम करने वाले गुलशन कुमार का बच्चा भी ऑटिस्टिक है और उनसे बात करने पर उन्होंने भी बताया कि उन्हें भी गायनोक्लोजिस्ट ने इस टेस्ट के बारे में नहीं बताया। आज अगर मैं और गुलशन जैसे लाखों मां-बाप ने यह टेस्ट कराया होता तो हम सब के बच्चे भी सामान्य बच्चों की तरह कदम से कदम मिलाकर चलते। खैर अब हम यही चाहते हैं कि कोई भी बच्चा इस बीमारी की चपेट में ना आए।
क्या है टेस्ट :
यह टेस्ट काफी सिम्पल है और इस आसान से टेस्ट के बाद आगे का जीवन कितना सुखमय और आसान हो सकता है। यह टेस्ट गर्भ के 9 वें से 12 वें और 15 से 18वें सप्ताह में किया जाता है। इस दौरान गर्भवती के शरीर से 5 एमएल ब्लड लिया जाता है और प्री नेटल टेस्ट किया जाता है जो यह बताता है कि आने वाला बच्चा क्रोमाजोनल जेनेटिक डिसऑडर से ग्रस्त होगा या नहीं या फिर उसके अंदर न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट ता नहीं। इसे टेस्ट से पता चलता है कि आने वाला बच्चा मंदबुद्धि तो नहीं। गड़बड़ी का पता चलने पर डॉक्टर उसे ठीक करने की कोशिश करते हैं और नहीं तो फिर गर्भपात का विकल्प बचता है।

4 comments:

Bhuwan said...

काफी संवेदनशील विषय को समर्पित किया है आपने ये ब्लॉग. अच्छी जानकारी.. उम्मीद है आपके ब्लॉग के जरिये कई बच्चों को ज़िन्दगी के बुरे दौर से बचाया जा सकेगा. कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा दे..
शुभकामनाओं के साथ

भुवन वेणु
लूज़ शंटिंग.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

महत्वपूर्ण विषय पर बढ़िया पोस्ट रही।
कृपया शब्द-पुष्टीकरण हटा दें.
टिप्पणी करने में दिक्कत होती है।

शशांक शुक्ला said...

शुक्रिया मित्र आपने मुझे ये बताया कि मैने गलती से उसका पता दे दिया। लेकिन आप अगर
आप उस पते पर जायें तब आप पायेंगे कि उस नाम की कोई साइट है ही नहीं क्योंकि मैने उसकी स्पेलिंग गलत लिखी थी लेकिन फिर भी मै आपकी सलाह मानते हुए पता हटा लूंगा । रही बात मुद्दे की तो मै सलाह के तौर पर ही वो लेख लिखा था क्योंकि मै जानना चाहता हूं कि आखिर वो किस हद जा सकते हैं। रही बात हवा देने की तो मित्र चिंता न करें हवा देकर सांसे न लेने देना हमारा काम है। सलाह के लिये धन्यवाद

kshitij said...

आपकी सलाह काफी उपयोगी है...खासकर उन भिभावकों को लिए जो आने वाले समय में मां-बाप बनने वाले हैं..

राजेश कुमार क्षितिज
merabasera.blogspot.com