Sunday, March 7, 2010

गाय ने कन्याओं को जन्म दिया तो पूजा करने जुटे लोग


गाय ने दो कन्याओं को जन्म दिया तो लोगों का हुजूम उन कन्याओं की पूजा करने के लिए सेक्टर 45, चेडीगढ़ के नगर निगम गौशाले में इक_ा हो गया। गौशाले के मालिक ने लोगों से निवेदन किया कि ये खबर झूठी है पर लोगा फूल और मालाओं के साथ वहां जमे रहे। मुझे चंडीगढ़ सहित देश के तमाम लोगों की सोच पर हंसी भी आती है और तरस भी। जिस पंजाब में कन्या भूण हत्याएं होती हैं वहां गाय द्वारा जन्म कन्याओं की पूजा करने लोग दौड़ पड़ते हैं। मैं तो भगवान से यही प्रार्थना कर सकता हूं कि गाएं हीं कन्याओं को जन्म दें तब उनकी भ्रूण हत्या भी नहीं होगी और फूल मालाओं से पूजा कर उनका भव्य स्वागत भी। पंजाब में महिला-पुरुष अनुपात और अफवाह में लिपटी कन्याओं के प्रति लोगों का आकर्षण की खबर नीचे पेश कर रहा हूं।


पंजाब की स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांत चावला के अनुसार पुरुष और महिलाओं का अनुपात २००१ के मुकाबले बढ़ा है पर फिर भी कम है। २००१ में यह प्रति १००० पुरुष ७८७ महिलाएं थीं जो २००९ में बढ़कर प्रति १००० पुरुष ८९४ हो गईं हैं।


लोगों का हुजूम मंगलवार को सेक्टर-45 स्थित नगर निगम की गौशाला की ओर बढ़ा चला जा रहा था। बच्चे, बूढ़े, युवा, स्त्री-पुरुष सब हाथ जोड़े गौशाला के गेट पर खड़े थे। कुछ लोग गेट पर ही माथा टेक रहे थे। अफवाह फैली थी, कि गाय ने बछड़े नहीं, इन्सान के दो बच्चों को जन्म दिया है। यह अफवाह से भी ज्यादा मजाक था, लेकिन भीड़ की नजर एकटक गौशाला की ओर टिकी थी। भीड़ के मुताबिक दिन के 2.30 बजे गौशाला में चारा देने आए किसी व्यक्ति ने लौटकर बताया कि गाय ने दो कन्याओं को जन्म दिया है। यह बात आग की तरह फैली और देखते ही देखते हजारों लोगों का हुजूम गौशाला की गेट तक पहुंच गया। गौशाला इंचार्ज को पता चला तो वह करीब 3 बजे मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाया कि एक सप्ताह से किसी गाय ने कोई बच्चा नहीं दिया है, यह सिर्फ एक अफवाह है। लेकिन लोगों पर उनकी बातों का असर नहीं हो रहा था। लोग हाथ जोड़कर खड़े थे, कुछ लोग प्रसाद चढ़ाने भी आए थे और कन्याओं के दर्शन करना चाहते थे। यह भीड़ आसपास की कॉलोनी और गांव की ही नहीं, बल्कि इसमें शहर के लोग भी शामिल थे। लोग कार और बाइक से गौशाला पहुंचे, जिससे मौके पर जाम के हालात पैदा हो गए। भीड़ धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी। हालात की गंभीरता देख पुलिस बुलाई गई। नगर निगम के अधिकारी केआर चिरवतकर ने लाउडस्पीकर पर घोषणा की कि यह सिर्फ अफवाह है। इसके बावजूद लोग मान नहीं रहे थे। वे जाने के लिए तैयार नहीं थे। इस तरह का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। भीड़ देख गौशाला का गेट बंद कर दिया गया था, लेकिन लोग गेट के बाहर डटे हुए थे। पुलिस ने बाद में हालात को नियंत्रितकियाखबरभास्कर से साभार लिया है।

7 comments:

शरद कोकास said...

ऐसा हमारे देश में ही सम्भव हो सकता है ।( गाय द्वारा इंसान को जन्म देना नही भाई, ऐसी बेसिर-पैर की अफवाह पर लोगों का एकत्रित होना )

Suman said...

nice

गिरिजेश राव said...

अ-nice

Tarkeshwar Giri said...

चंडीगढ़ मैं सिर्फ पढ़े लिखे लोग रहते हैं सुना था। गलत सुना था मैंने। ऐसे ही अन्धविश्वासी लोगो की वजह से हिन्दू बदनाम हो रहे हैं। शर्म करो चंडीगढ़ वालो।

रावेंद्रकुमार रवि said...

"गाएँ ही कन्याओं को जन्म दें!"
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बहुत करारी चोट की है!

संगीता पुरी said...

मैं तो भगवान से यही प्रार्थना कर सकता हूं कि गाएं हीं कन्याओं को जन्म दें तब उनकी भ्रूण हत्या भी नहीं होगी और फूल मालाओं से पूजा कर उनका भव्य स्वागत भी।
बिल्‍कुल सही कह रहे हैं आप !!

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

तरस आता है ऎसे लोगों की बुद्धि पर....